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एचपी शिवा परियोजना में सख्ती, काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों का भुगतान रुकेगा: जगत सिंह नेगी

एचपी शिवा परियोजना में काम अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदारों का भुगतान रोकने के निर्देश

पहले चरण का 87 प्रतिशत कार्य पूरा, 3,000 हेक्टेयर लक्ष्य समय पर पूरा करने पर जोर

10,646 किसान परिवारों को मिलेगा लाभ, दूसरे चरण की निविदा प्रक्रिया अगस्त अंत से शुरू होगी


शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचपी शिवा परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने साफ शब्दों में कहा है कि जिन ठेकेदारों ने संबंधित क्लस्टरों में आवश्यक श्रमिक उपलब्ध नहीं कराए हैं और तय समय के अनुसार कार्य पूरा नहीं किया है, उनके सभी भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के पहले चरण का शेष कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर सभी क्लस्टरों का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को जल्द इसका लाभ मिल सके।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

शिमला में आयोजित एचपी शिवा परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री जगत सिंह नेगी ने परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि सरकार परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। जिन ठेकेदारों की ओर से निर्धारित संख्या में श्रमिक नहीं लगाए गए हैं या कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है, उनके भुगतान रोकने के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में चल रहे प्रथम चरण के सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और सभी क्लस्टरों का पूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दूसरे चरण की निविदा प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए।

पहले चरण का 87 प्रतिशत कार्य पूरा

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना के प्रथम चरण के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें अब तक 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 87 प्रतिशत है।

इसके अलावा 1,543 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का कार्य पूरा हो चुका है। लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच पौधरोपण किया जाएगा, जबकि शेष क्षेत्र में जनवरी-फरवरी 2027 के दौरान प्लम और पर्सिमन जैसी शीतकालीन फसलों का रोपण किया जाएगा।

331 क्लस्टरों से 10,646 किसान परिवारों को होगा लाभ

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत प्रदेशभर में 331 क्लस्टरों का चयन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से करीब 10,646 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र का विस्तार कर किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देना है।

दूसरे चरण की तैयारी तेज, अगस्त अंत से शुरू होगी निविदा प्रक्रिया

बैठक में यह भी बताया गया कि एचपी शिवा परियोजना का दूसरा चरण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है, जबकि 2,153 हेक्टेयर क्षेत्र का सर्वेक्षण जारी है।

इसके अलावा 1,200 हेक्टेयर क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) को भेजी गई है। एडीबी से मंजूरी मिलने के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह से निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

समय पर कार्य पूरा करने पर सरकार का जोर

मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता परियोजना को तय समय में पूरा करना है, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक फल उत्पादन से जुड़ सकें। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।